सूरज की कहानी
सूरज - हमारे गृह पृथ्वी और सौरमंडल के सात अन्य ग्रहों और लाखों की तादाद में मौजूद धूमकेतु और उल्कापिंड की सभी प्रकार की ऊर्जाओं का केंद्र. मिसाल के लिए जब सूरज की किरणे पेड़-पौधों पर पड़ती हैं, तब ही वो प्रकाश संश्लेषण के ज़रिये फलते फूलते हैं और हमारे जीवन को बरकरार रखने के साधन (फल, सब्जी) जुटा पाते हैं. कोयले से बिजली बनती हैं - हमे पता हैं. पर कोयला लाखों-करोड़ो साल पुराने पेड़-पौधे ही हैं जो सूरज की ऊर्जा को समाये हुए ज़मीन की गहराइयों में दब गए थे. अब हम उनको जलाकर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे हैं. सूरज विशालतम हैं. जब कभी हम उगते हुए सूरज से आँखें मिलाते हैं तो शायद इसकी विशालता का अंदाजा न लगा पाते हो. मसलन सौरमंडल में कई प्रकार के तत्वों के बावजूद भी सौरमंडल का 99.8% वज़न अकेले सूरज के पाले में हैं. सूरज इतना विशाल हैं कि लगभग 10 लाख पृथ्वियों को खुद में समा ले. अगर सूरज न होता तो हमारा अस्तित्व भी नहीं होता. सूरज और पृथ्वी 450 करोड़ साल पहले अस्तित्व में आये थे. अगर सूरज हैं तो हमारे पास मौसम और जलवायु हैं. बारिश भी सूरज की वजह से संभव हैं. दोस्तों के साथ गोवा के तटों पर उठती लहरों का मज़...