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Showing posts from June, 2020

हिमालय के दादा अरावली के पहाड़

बचपन में जब कभी भी मुझे प्रकर्ति को एक चित्र द्वारा दर्शाना होता था, उसमे एक नीले रंग की बहती हुयी नदी और पहाड़ी के पीछे डूबता हुआ सूरज जरूर होते थे. पहाड़ और नदी के बगैर प्रकर्ति की खूबसूरती को एक कागज़ के टुकड़े पर उतारना मेरे लिए मुश्किल होता था. नदी की रफ़्तार और पहाड़ो का ठहराव मेरे चित्रों में जान फूँक दिया करते थे. बचपन राजस्थान के अलवर और जयपुर में बीता, इसलिए अरावली के पहाड़ो को बहुत करीब से देख पाया. सोचा करता था कि कौन हैं जो ये तय करता हैं कि पहाड़ कहाँ होने चाहिए. ऐसा ज़िक्र इतिहास की किताबो में नहीं मिलता कि किसी ताकतवर राजा ने अपनी इच्छा से पहाड़ ही बनवा लिए हो. उन महत्वाकांक्षी राजाओं ने शहरों को तबाह किया और इंसानो तथा उनकी सभ्यताओं को बेहिचक बर्बाद किया, पर पहाड़ो को खड़ा करना तो उनके भी बस की बात नहीं थी. हालांकि खुद को दुश्मन राजाओं से बचाने के लिए अरावली के पहाड़ो का सहारा ज़रूर लिया. उन पर अपने राजमहल बनवाकर. वक़्त के साथ ये तो समझ आने लगा था कि अरावली और हिमालय एक लम्बी ज़िन्दगी तय करके आये हैं और वो समय हमारे निकटतम इतिहास से बहुत पहले का हैं. आइये अरावली और हिमालय की ज़िन्...

आसमां नीला क्यों हैं और दिन में तारे क्यों नहीं दिखते

देखकर अजीब लगता हैं कि लोग अपने चारो तरफ होने वाली सामान्य प्राकर्तिक घटनाओ को ज्यादा तवज्ज़ो नहीं देते. मिसाल के तौर पर - आसमान अपना रंग कैसे बदल लेता हैं - कभी नीला, कभी नारंगी और कभी काला. चाँद का एक ही हिस्सा हमे क्यों दिखाई देता हैं? कुछ लोग कहेंगे -- हाँ, स्कूल में पढ़ा तो था कि कुछ होता हैं पर अब याद नहीं. यह जग-जाहिर हैं कि स्कूली शिक्षा हमे बस जानकारी मुहैया कराती हैं और जिज्ञासा को मारती चली जाती हैं. यकीन न हो तो 4 - 8 साल के किसी भी बच्चे के साथ रह कर देखिये. उसकी जिज्ञासा सवालों में साफ़ दिखाई पड़ती हैं. वक़्त के साथ हम प्रकर्ति से जुडी हर बुनियादी जानकारी भूलते चले जाते हैं. यही वजह हैं कि प्रकर्ति से हमारा रिश्ता ख़त्म सा होता जा रहा हैं. चलो आसमान पर फिर आते हैं. आसमान का रंग नीला क्यों होता हैं? दिल्ली वाले भी अब इस बात से सहमत होंगे क्योंकि लॉकडाउन में नीले आसमान के दर्शन उनको भी हो ही गए. देखिये आसमान का रंग न तो नीला होता हैं, न ही नारंगी और लाल. आसमान का असली रंग तो काला होता हैं जो हमे सूरज के ढलने के बाद दिखाई पड़ता हैं. इस बात से ये तो साफ़ हैं कि सूरज की रोशनी का ...